जनसूचना के जवाब और लाइसेन्स की छायाप्रति में भिन्नता बहराइच सम्भागीये परिवहन विभाग पर लगा डीएल में घालमेल का गम्भीर आरोप

सुभाष चन्द्र यादव

बहराइच। सम्भागीये परिवहन विभाग पर एक बड़ा घालमेल का मामला उजागर होने से एआरटीओ विभाग में हड़कम्प से मच गया है। लगातार अपने कारनामों के कारण सुर्खियों में रहने वाला बहराइच सम्भागीये परिवहन विभाग एक बार फिर सुर्खियां बंटोर रहा है लेकिन इस बार भी यह सुर्खियां विभागीये गुडवर्क के बजाये एक लाइसेन्स के फर्जीवाड़े के आरोपों से जुड़ा हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता रोशनलाल नाविक ने बताया कि पूर्व में उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी से एक जन सूचना अधिकार 2005 के प्रावधानों के तहत सम्भागीये परिवहन कार्यालय बहराइच द्वारा 1385/बी0आर0एच0/2005 संख्या का जो लाइसेंस जारी किया है वह एक व्यक्ति के नाम से है या दो व्यक्तियों के नाम पर है। अपनी जन सूचना में उन्होंने विभाग से यह भी जानकारी मांगी थी कि यदि उक्त नंबर पर दो व्यक्तियों के लाइसेंस हैं तो उन व्यक्तियों और उनका पता उपलब्ध कराए जाने की कृपा करें और यदि उक्त लाइसेंस संख्या पर एक व्यक्ति को लाइसेंस जारी किया गया है। तो उसका नाम पता उपलब्ध कराए जाने के साथ साथ उक्त लाइसेंस संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005 की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराई जायेे।श्री नाविक ने बताया कि उनकी जन सूचना का जवाब देते हुए संभागीय परिवहन विभाग बहराइच ने यह उत्तर दिया गया कि एक ही लाइसेंस संख्या पर दो व्यक्तियों के नाम से डीएल जारी नहीं किया जा सकता है। इसके आगे उन्होंने बताया कि अपने उत्तर में विभाग ने आगे लिखा कि उक्त लाइसेंस संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005 बृजेंद्र कुमार मौर्या पुत्र रामचंद्र मौर्य पता आदमपुर जरवल रोड बहराइच के नाम से डीएल जारी किया गया है। वहीं दूसरे प्रश्न के उत्तर में विभाग की ओर से लिखा गया कि लाइसेंस संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005 की छाया प्रति संलग्न है।      

               श्री नाविक ने बताया कि जन सूचना के जवाब में ए0आर0टी0ओ0 विभाग बहराइच द्वारा लाइसेंस संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005  जो छाया प्रति लगाई गई उसने विभागीय भ्रष्टाचार की कलाई खोल दी। दरअस्ल आर0टी0आई0 के जवाब में तो सम्भागीये परिवहन कार्यालय बहराइच ने तो डीएल संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005 जरवल निवासी बृजेन्द्र कुमार मौर्य पुत्र राम चन्द्र मौर्या के नाम से जारी होना बताया गया जबकि उक्त जनसूचना के जवाब में लगायी गयी डी0एल0 संख्या 1385/बी0आर0एच0/2005 इन्दिरा नगर रिसिया बाजार निवासी राज कुमार पुत्र राम प्रगट के नाम अंकित मिला। बताते चलें कि इसके बाद श्री नाविक ने भ्रामक सूचना देने के सम्बन्ध में आयोग में अपील करते हुए पुलिस अधीक्षक बहराइच को एक शिकायती पत्र भेजकर भ्रामक सूचना देने और इस फर्जीवाड़े की जांच कर अभियोग पंजीकृत करने की गुहार लगायी। अप्रैल 2019 में अपील की सुनवायी के दौरान ए0आर0टी0ओ0 प्रशासन के उपस्थित न होने पर राज्य सूचना आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए आगामी 19 सितम्बर 2019 को ए0आर0टी0ओ0 प्रशासन को व्यक्तिगत रूप से तलब करने का आदेश पारित करते हुए कहा कि यदि ए0आर0टी0ओ0(प्रशासन) नियत तिथि पर अनुपस्थित रहेंगे तो उन पर 25 हज़ार तक का अर्थदण्ड लगाया जायेगा। मामले ने तूल पकड़ी तो पुलिसिया जांच भी शुरू हो गयी और मिली जानकारी के अनुसार बीते दिन पुलिस ने ए0आर0टी0ओ0 विभाग पहुंच कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। वहीं मामले की जांच शुरू होते ही विभागिये बाबू से लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने छूटने लगे हैं और अब सभी युद्ध स्तर पर मामले को दबाने में जुट गये हैं। सवाल यह है कि लगातार ए0आर0टी0ओ0 विभाग में जारी भ्रष्टाचार का खुला खेल के उजागर होने के बाद भी जिला प्रशासन कोई ठोंस कदम उठाने की जहमत क्यों नहीं उठा रहा है। 

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