बहराइच में आज कलश स्थापना के साथ शुरू होगा शारदीय नवरात्र का अनुष्ठान

सुभाष चन्द्र यादव

बहराइच। जनपद में सभी दुर्गा मन्दिरों, पूजा पंडालों एवं घरों में आज पण्डितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापित कराया जायेगा। नवरात्रि पर्व को देखते हुए दुर्गा समितियों द्वारा व्यापक तैयारियां व्यापक रूप से की जा रही थीं, जो अब लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं ग्रामीण अंचलों में भी दुर्गा पंडाल सजाने का काम अंतिम चरण में है। मां दुर्गा की प्रतिमा गढऩे वाले मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रुप दे रहे हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति ही इस बार भी जनपद में भी नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाने की माँ भक्तों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। शारदीय नवरात्र आज शुरु हो रहा है, जो 7 अक्टूबर तक चलेगा। मां दुर्गा की प्रतिमा विधि विधा के साथ जगह-जगह विराजेगी। नगर सहित ग्रामीण अंचल में नवरात्रि के पर्व पर देवी मां की मूर्तियां स्थापित कर विधि विधान से पूजा अर्चना कर भक्त नौ दिनों तक माँ दुर्गा की सेवा करते हैं। इसके लिए तैयारियाँ पूरी ली गयी हैं। दुर्गा पंडाल सहित आसपास आकर्षक विद्युत सज्जा के लिए तोरण पताकों से सजाया गया है। समितियों द्वारा पंडालों को विशाल व भव्य रूप दिया गया है। वहीं आकार लेती मां दुर्गा की प्रतिमा भी सजकर तैयार है। प्रशासन नर भी किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके लिये अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।           

                नवरात्रि का पर्व आज से शुरू हो रहा है। 29 सितम्बर दिन रविवार को मां शैलपुत्री और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। इस साल शरद नवरात्रि का शुभारंभ चित्रा नक्षत्र में मां जगदम्बे के नाव पर आगमन से शुरू हो रहा है। इस बार प्रतिपदा और द्वितीया तिथि एक साथ होने से मां शैलपुत्री  और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा एक  दिन होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 29 सितम्बर को प्रतिपदा माना जा रहा है। पंचमी तिथि स्कंदमाता का दिन है। मंदिरों में भी रंग रोगन का काम पूर्ण हो चुका है। वहीं सजावट और ज्योति कलश स्थापना को लेकर भी मंदिर समितियों ने तैयारी पूर्ण कर ली है। नवरात्र को लेकर बाजार में भी रौनक बढऩे लगी है। पिछले 15 दिनों के पितृ पक्ष के कारण बाजार सुस्त नजर आ रहा था, लेकिन अब बाजार में रौनक बढऩे लगी है। दूर दराज के दुर्गा समिति मंगलवार को ही देर शाम तक ट्रेक्टर सहित अन्य वाहनों से अपने अपने गांव ले जाते दिखे।


एक नज़र नवरात्रि की तिथियों पर

प्रतिपदा -29 सितम्बर – माँ शैलपुत्री 

द्वितीया -30 अक्टूबर – माँ ब्रह्मचारिणी

तृतीया – 1 अक्तूबर – माँ चन्द्रघण्टा

चतुर्थी – 2 अक्तूबर – माँ कुष्मांडा

पंचमी – 3 अक्टूबर – माँ स्कंदमाता

षष्टी    – 4 अक्तूबर – माँ कात्यायनी

सप्तमी – 5 अक्तूबर – माँ कालरात्रि

अष्टमी  – 6 अक्तूबर – माँ महागौरी (दुर्गा अष्टमी)

नवमी  –  7 अक्तूबर – माँ सिद्धिदात्री (महानवमी)

दशमी  – 8 अक्तूबर- विजय दशमी (दशहरा)

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